नकारात्मक सोच से कैसे बचें?| How To Deal With Negative Thoughts

Negative Thoughts

Negative Thinking

दोस्तों, आपने अक्सर गांधीजी के तीन बंदरों के बारे में सुना होगा यानी बुरा न देखो, बुरा बोलो और बुरा न सुनो| लेकिन इसमें यदि हम बुरा न सोचो भी Add कर दें तो ये कहावत पूरी कहलायी जाएगी |

आज हर शख्स जीवन में सकारात्मकता और ख़ुशी तलाश रहा है लेकिन बहुत बार नकारात्मक परिस्थियाँ उसे घेर लेती हैं जो उसे अंधकार की ओर धकेलती हैं |

क्यूंकि नकारात्मक सोच (Negative Mindset) ही नकारात्मक रवैये को जन्म देती है जो आगे चलकर उसके व्यवहार का हिस्सा बनती है और फिर वही नकारात्मक व्यवहार आगे चलकर नकारात्मक कर्मों को जन्म देता  है |

How to stop negative thought
How To Stop Negative Thoughts

आखिर नकारात्मक सोच होती क्या है ? What IS Negative Mindset

दोस्तों, नकारात्मक सोच ( Negative Mindset ) अंधकार से भरे उस दलदल के समान  है जिसमे यदि व्यक्ति गिर जाता है तो निरंतर धंसता चला जाता है और जीवन के प्रति आशा तथा भरोसे से उम्मीद छोड़ बैठता है |

साथ ही जीवन के  हर पहलू को सिर्फ अपने नकारात्मक रवैये और सोच के अनुसार की देखता और समझता है जो उसको समाज के ख़ास Negative Mindset लोगों की सूची में हमेशा अव्वल रखती है |

इसीलिए व्यक्ति को चाहिए कि  जीवन के प्रति अपने नकारात्मक रवैये को छोड़ सकारात्मकता की ओर बढ़े और हर दिन की नयी शुरुवात का पुरे जोश के साथ स्वागत करे |

लेकिन हमे पहले ये समझना होगा आखिर Negative Thoughts आते क्यों हैं ?

इसके कुछ बेहद ख़ास कारण हैं जैसे :

  • मरने या कोई अन्य डर |
  • किसी व्यक्ति से सम्बंधित डर |
  • Past के कड़वे अनुभव |
  • Future को लेकिन गहरी चिंताएं |
  • कोई बुरा सपना |
  • खुद से बहुत ज्यादा उमीदें लगा बैठना |
  • खुद को हर बात के लिए कोसना |या
  • अपनों को  खोने का डर इत्यादि  |

दोस्तों, ये कुछ डर या चिंताएं हैं जो इंसान को नकारात्मकता की ओर धकेलती हैं और साथ ही जीवन में बिमारिओं, अशांति , आत्मविश्वास में कमी , Depression , समाज से दूरी इत्यादि का कारण बनती हैं|

याद रहे : जीवन में हर परिस्थति इंसान के हिसाब से नहीं चल सकती इसीलिए सिर्फ कर्म पर ध्यान देकर बाकी ईश्वर पर छोड़ देना ही समझदारी है |

आज इसी सकारात्मक भाव द्वारा  सरलयुक्ति के माध्यम से हम  नकरात्मक सोच से दूर रहने के ऐसे तरीकों को बताएँगे जो यदि आप जीवन में अमल करते हैं तो काफी आप काफी हद तक इससे पार पाने में सफल हो जायेंगे ये हमारा वादा है |

How to handle negative thoughts
How To Handle Negative Thoughts

नकारात्मक सोच कैसे दूर करें ? | How To Stop Negative Thoughts

1) नकारात्मक विचरों से न लड़ें ( Don’t Fight Negative Thoughts) :

अक्सर आपने महसूस किया होगा जब आप अपने नकारात्मक विचारों से लड़ते हैं यानि उनको ज्यादा एहमियत देते हैं तो वह विचार समय के साथ उतने  ही बलवान होते जाते है क्यूंकि आप जितना उनसे दूर भागेंगे या भूलने की कोशिश करेंगे वह उतने ही परेशान करेंगे फिर चाहे वह किसी व्यक्ति से सम्बंधित हो या परिस्थिति से | 

इसीलिए व्यक्ति को चाहिए कि  उन विचारों से लड़ने की बजाय पूरी बुद्धिमत्ता  के साथ  उनका सामना करे और  साथ ही यदि ज़रूरत पड़े तो एक सूची तैयार करें  जिसमे उनके आने का कारण और उसके समाधान के लिए क्या किया जा सकता है लिखें | 

ऐसा करने पर समय के साथ आप महसूस करेंगे की नकारात्मक विचारों का आप पर फ़र्क पढ़ना बंद हो गया है जिससे यह खुद तेजहीन होकर आने बंद हो जायेंगे |

याद रहे:  कोई विचार तभी मज़बूत बनता है जब उसके सामने हार मान ली जाये | 

 

2) नकारात्मक लोगों से दूरी बनाएं ( Stay Away From Negative People) :

आपने यह कहावत ज़रूर सुनी होगी कि एक अच्छी संगती ही बेहतर व्यक्तिव का निर्माण करती है जो समाज कल्याण के लिए बेहद ज़रूरी भी है |

इसके विपरीत  गलत सांगत का व्यक्ति की सोच पर भी गहरा असर पड़ता है क्यूंकि नकारात्मक मानसिकता (Negative Mindset) से भरे लोग हमेशा दूसरों को भी निराश करते हैं क्योंकि ऐसे  लोग हर सकारात्मक परिस्थिति में भी  नकारात्मक पहलू को देखने लगते हैं और खुद के साथ दूसरों को भी निराशा के अंधकार में डाल देते हैं |  

इसीलिए खुद के बेहतर व्यक्तित्व के निर्माण के लिए अच्छी सांगत का सहारा लें , अपने से बेहतर लोगों के बीच रहना शुरू करें, उनसे जीने की कला सीखें और साथ ही उनके बताये गए सकारात्मक विचारों और सल्हाओं पर अमल करें जो आपको जीवन के बेहतर अनुभवों के साथ नकारात्मक विचारों से भी पीछा छुड़ाने में मदद करेगा | 

 

3) सकारात्मक सोचिये ( Think Positive ) :

यदि आप नकारात्मक विचारों से पीछा छुड़ाना चाहते हैं तो यह एक बेहद ख़ास उपाए साबित हो सकता है |

जिस प्रकार अच्छी संगत अच्छी सोच को जन्म  देती है उसी प्रकार एक अच्छी सोच भी अच्छे कर्मों को जन्म देती है|

इसीलिए हर विपरीत परिस्थिती में खुद को सकारात्मक रखना शुरू कीजिये क्यूंकि हर बुरे परिणाम की पीछे की वजह अक्सर आगे चलकर ठीक साबित होती  है जो व्यक्ति के लिए नयी सीख और सबक का काम करती है |

इसे भगवान श्री  कृष्ण ने भी गीता जी के माध्यम से समझने का सफल प्रयास किया है कि जो कुछ भी हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है और जो होगा अच्छा ही होगा |

इसीलिए यदि आप इस तरह का सकारात्मक रवैया अपने जीवन में  उतारते हैं तो खुद कोजल्द ही Positive Being के रूप में बदलते पाएंगे |

 

4) प्रकृति से जुड़ें ( Connect With Nature) :

 यह वह तरीका है जो मैं खुद के लिए आजमा चुका हूँ, क्यूंकि मेरे निवास स्थान के पास कई एकड़ में फैला एक बेहद खूबसूरत पार्क है |

जब भी मुझे कोई ज़रूरी फैसला लेना होता है या शान्ति का अनुभव करना होता है या फिर जब भी मैं कभी खुद को निराश महसूस करता हूँ तो प्रकृति की ओर अक्सर रुख करता हूँ |

यह एक ऐसा तरीका है जो यदि आपने अपने जीवन में अपनाना शुरू किया तो आप खुद को बेहद हल्का और सकारात्मक महसूस करेंगे | इसके लिए आपको चाहिए कि किसी आस पास शांत जगह पर जाएं |

वहाँ माजूद खूबसूरत पेड़-पौधों की ओर नज़र डालें, उनको छूकर खुद को उनसे जोड़ने का प्रयास करें |

गहरी सांस भरें, इसके लिए आप Meditation और प्राणायाम व योग का  भी सहारा ले सकते हैं | आंखें बंद कर खुद को बेहद खुशी के मूड में महसूस करें और अपना पूरा ध्यान प्रकृति पर केंद्रित करने का प्रयास करें | 

साथ ही अपने आसपास के लोगों के रवैये पर नजर डालें, बच्चों को खेलता हुआ देखें, आप पाएंगे कि आप अंदर से अच्छा और सकारात्मक महसूस करने लगे हैं जो आपकी नकारात्मकता को दूर भागने के लिए एक बढ़ता कदम है | 

 

5) किसी सहयोगी की मदद लें ( Take Help From Someone ) :

अपनी नकारात्मकता को दूर करने का एक सहज उपाए है जो किसी सहयोगी की मदद से दूर की जा सकती है|

क्यूंकि ऐसा देखा गया है कि जब भी व्यक्ति अपने मन में उठे सवाल या कोई विचार किसी बेहद ख़ास के साथ शेयर करता है तो अंदर से काफी हल्का और शांत महसूस करने लगता है जो उसके अंदर की नकारात्मकता को भी दूर करने में सहायक है |

इसीलिए यदि आप किसी नकारात्मक विचार से पीड़ित है जो आपको अक्सर अंदर से बेचैन और अशांत कर देता है तो ऐसे विचारों को किसी दोस्त या पारिवारिक सदस्य के साथ ज़रूर Discuss कीजिये जिससे वह आपको सही  मार्गदर्शन के साथ इस गंभीर सोच से निकलने में काफी मदद करेंगे|

 

6) खाली न बैठे ( Do Not Sit Idle ) :

दोस्तों, अक्सर आपने यह कहावत जरूर सुनी होगी कि “खाली दिमाग शैतान का” और शैतान सिर्फ नकारात्मक सोच ही  रख सकता है |

यानी बेकार खली दिमाग ही नकारात्मक योजनाएं बनाता है जो खुद उसके और समाज के लिए घातक है | 

इसीलिए खुद को व्यस्त रखना सीखें , जो आपके दिमाग को किसी परिस्थिति से जुड़े नकारात्मक विचारोँ की सोच में न उलझा सके | 

इसके लिए आप अपनी मनपसंद  पुस्तकें  पढ़ सकते हैं, अच्छे लेख या खुद के विचारों को लिख सकते हैं|  खाली समय में इंटरनेट पर कुछ ज्ञान से संबंधित विषयों को सीख सकते हैं |

किसी पुराने मित्र को फोन कर सकते हैं, कोई मनपसंद गेम का सहारा ले सकते हैं| यदि फिर भी कुछ करने के लिए न हो आप ईश्वर में ध्यान या सत्संग सुन या गुनगुना सकते हैं जिससे आपका मस्तिक्ष नकारात्मक विचारों में न उलझकर खुद को इनसे मुक्त करा सके | 

 

7) मनपसंद सगीत सुने ( Listen Favorite Music ) :

दोस्तों, संगीत बस एक ध्वनि नहीं बल्कि व्यक्ति की मानसिकता पर भी इसका गहरा असर पड़ता है |

यह वह शक्ति है जो अवसाद (Depression) जैसे रोग को दूर करने की क्षमता रखती है | इसीलिए यदि आप Negative Mindset  से पीछा छुड़ाना चाहते हैं तो प्रति दिन कम से कम आधा घंटा संगीत सुनें  जो आपको एक नयी ऊर्जा से भर देगा |

इसके साथ ही ईश्वर के भजन भी सुन सकते हैं जो व्यक्ति की मानसिकता पर गहरा असर डालते हैं और उसको इश्वरिये तत्व से जोड़ते हैं जिसमे बेहद ख़ास है “का उच्चरण जो नकारात्मकता को दूर करने में बेहद कारगर है |

8) सही दिनचर्या बनाएं ( Make Right Routine ) :

सही दिनचर्या का होना भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक रवैये को बढ़ावा देता है जो उसकी नकारात्मक सोच को दूर करने में काफी मददगार साबित होता है |

जिसके लिए आवश्यक है अपने Daily Routine को सही दिशा देना जो उसमे Self-Discipline को बढ़ाता है जो व्यक्ति की  सकारात्मकता के लिए बेहद ज़रूरी है |

इसके लिए व्यक्ति को चाहिए रात को समय पर सोये ,सुबह जल्दी उठने का प्रयास करें , खुद की सेहत का ध्यान रखे, अपने कामों की सूची एक दिन पहले तैयार रखें फिर समय अनुसार उनको पूरा करे| संतुलित आहार को जीवन शैली का हिस्सा बनाये, साथ ही खुद को भरपूर आराम दे| 

ये कुछ बेहद आसान और सफल तरीके हैं जिनको अपना कर व्यक्ति खुद को सही सांचे में ढाल सकता है और सकारात्मक और संतुलित रवैये को अपनाकर अपने जीवन से नकारात्मकता और उससे जुड़े विचरों को उखाड़ कर फेंक सकता है |

 

9) किसी खास रूचि को अपनाएं ( Know Your Interest/Hobby )

दोस्तों, यह ख़ास उपाए आपको  नकारात्मकता की दुनिया से बाहर निकल सकता है क्यूंकि इसका सीधा सम्बन्ध खुद के प्रति प्यार और लगाव से है |

अक्सर देखा गया है जिन लोगों  की कोई ख़ास Hobby होती है ऐसे लोग दूसरे लोगों की तुलना में ज्यादा मस्त और  खुश रहा करते हैं|

क्यूंकि ऐसे लोग अपना ज्यादातर समय अपनी Hobby या Interest को और ज्यादा निखारने में लगे रहते हैं जो उनको हर समय व्यस्त रखने के साथ-साथ जीवन में कुछ कर गुजरने की प्रेरणा भी देती रहती है और नकारात्मक विचारों से भी दूर रखती है |

इसीलिए व्यक्ति को चाहिए कि वह अपने Interest को जाने, उसके सम्बंधित ज्ञान को बढ़ाएं और उसी को जीवन का आधार बनाकर सकारात्मकता के साथ आगे बढ़े |

 

10) मनोचिकित्सक की सालाह ( Take Advice From Psychologist or Psychiatrist) :

अक्सर इंसान जीवन की कुछ नकारात्मक परिस्थियों में फस कर रह जाता है जहाँ से बाहर निकलना लगभग नामुमकिन सा हो जाता है |

इसीलिए यदि आप जीवन की कुछ ऐसी परिस्थियों या किसी ख़ास डर या Suicide जैसे नकारात्मक विचारों से घिर गए हैं और उनसे बाहर निकलने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं तो बेहतर है एक बार मनोचिकित्सक की सलाह ली जाये |

क्यूंकि एक मनोचिकिसक ही आपके मन की इस दुविधा को ठीक से समझ सकता है और उसी के हिसाब से सटीक Counselling, Cognitive behavioral therapy या Medication के द्वारा इस स्थिति से बाहर निकलने में कारगर साबित हो सकता है |

इसीलिए कभी भी नकारात्मक मानसिकता को हलके में न लें और ज़रूरत के अनुसार जीवन में सही निर्णय या सलाह लें और खुद को हमेशा सकारात्मकता से भरपूर रखें |

 

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निष्कर्ष ( Conclusion) :

दोस्तों, आपने जाना कैसे एक Negative Mindset  हमारे जीवन को  नकारात्मकता की ओर धकेलता है और जीवन निराशा और अंधकार से भर देता है | 

इसीलिए यदि आप “Negative Thinking ” से बहार आना कहते हैं  तो “How To Deal With Negative Thoughts ” के तरीकों को समझकर जीवन में  उतरना पड़ेगा | 

मैं आशा करता हूँ सरल युक्ति के माध्यम से लेखे “नकारात्मक सोच से कैसेबचें  ?” आपको पसंद आया होगा और आपको “How To Stop Negative Thinking In Hindi ? ” को  समझने में सहायता मिली होगी |

आप इस लेख को अपने मित्रों और सम्बन्धियों को Social Media पर शेयर भी कर सकते हैं और अपने सुझाव मुझको भेज सकते हैं जिससे मुझे और बेहतर लिखने की प्रेरणा (Inspiration) मिलेगी |

हमेशा खुश रहिये और मुस्कुराते रहिये ||

धन्यवाद |

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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