खुश रहने के 14 बेहतरीन तरीके | How To Be Happy In Hindi

खुश रहने के  तरीके | How To Be Happy In Hindi

खुश रहना एक विकल्प नहीं बल्कि एक कला है बस ज़रूरत है तो इस कला में माहिर होने की | आज हर इंसान खुश रहने के तरीकों (How To Be Happy In Hindi ) को खोज रहा है लेकिन अपनी गलतियों की वजह से उन पर अमल नहीं कर पाता और खुद को दुखी कर बैठता है |

दोस्तों, जैसे मैंने ख़ुशी के सन्दर्भ (References) में इसके बाहरी और आतंरिक पहलुओं पर पहले चर्चा की है |

आज मैं  सरल युक्ति के माध्यम खुश रहने के वो तरीके उजागर करूँगा जो यदि आपने जीवन में उतार लिए तो आप खुद में एक अद्बुध बदलाव महसूस करेंगे और अपने जीवन को पहले से कही ज्यादा खुशहाल बना पाएंगे |

Happy Life Tips In Hindi

 जीवन में खुश कैसे रहे ?

      {How To Be Happy-14 ways}

 

1) रिश्तों में मधुरता लाएं (Bring harmony In Relationships) :

खुश कैसे रहे?  (How To Be Happy In Hindi ) में पहला तरीका है रिश्तों में मधुरता लाना | आज हर व्यक्ति खुश रहना चाहता है लेकिन खुद को बेहतर साबित करने की वजह से अक्सर रिश्तों में खटास (Sourness) आ जाती है, जिससे रिश्ते टूटने लगते हैं|

 कुछ समय पहले हारवर्ड यूनिवर्सिटी में एक शोध हुआ जिसमे दो अलग समूह (Groups) बनाये गए और उनकी खुशियों पर कुछ सालों तक गौर किया गया , जिसका निष्कर्ष यह निकला कि जिन लोगों के बेहतर रिश्ते थे वो लोग अपने जीवन में बेहद खुश थे और बाकी उदास और हताश | इससे ये साफ़ ज़ाहिर होता है ख़ुशी का आपके मधुर संबंधों से गहरा सम्बन्ध है |

यदि आपके रिश्ते मधुर नहीं होंगे तो आप ज्यादा खुश नहीं रह पाएंगे क्यूंकि अकेले रहकर जीवन बिताना कठिन होता है |

दोस्तों, जैसे हमनें कोरोना काल में अपनों का साथ महसूस किया, जिन लोगों को परिवार के लिए समय नहीं मिलता था, उन्होंने एक साथ समय गुज़ारा जिससे रिश्तों की और कीमत महसूस हुई क्यूंकि पैसा ज़िन्दगी भर कमाना है लेकिन अगर रिश्ते छूट गए तो इन रुपयों का कोई मोल नहीं रह जाता |

इसीलिए, जीवन की छोटी- मोटी बातों को नज़रअंदाज़ (Avoid) करना सीखिए और अपने पारिवारिक (Family) और व्यक्तिगत (Personal) रिश्ते मधुर बनाइए और जीवन में खुश रहिये |

2) खुद पर भरोसा रखें (Trust in yourself) :

खुश रहने का दूसरा महत्वपूर्ण तरीका है खुद पर भरोसा रखना | आपने अक्सर महसूस किया होगा यदि कोई हमारी उम्मीदों पर खरा  नहीं उतरता तो हम उदास हो जाते हैं खुद के लिए अशांति और नाखुशी पैदा कर बैठते हैं |

आप जितना दुसरो पर निर्भर रहेंगे अपना सम्मान (Honor) और आत्मविश्वास (Self-confidence) खो बैठेंगे|

ज़रूरत है खुद पर भरोसा रखना, दूसरों से मदद लेना लेकिन उनपर 100% आश्रित (dependent) ना रहना, क्यूंकि उम्मीदें गलतफहमियां (Misunderstandings) पैदा करती हैं और गलतफहमियां नाख़ुशियाँ (Unhappiness) |

याद रहे : जो खुद पर विश्वास नहीं रखता , वो दूसरों का विश्वास खो बैठता है | खुद पर भरोसा रखिये और खुश रहिये |

 

 3) आभार प्रकट करना (Express Gratitude) :

आभार प्रकट करना आतंरिक ख़ुशी (Inner happiness) का वो पहलू है जो आपका जीवन खुशियों ( Happy Life) से भर देगा | ये आभार किसी व्यक्ति के लिए भी प्रकट किया जा सकता है लेकिन इसका आंतरिक पहलू ईश्वर के प्रति आभार से है|

आपको चाहिए आप जीवन में मिली हर चीज़ के लिए ईश्वर और भ्रमांड (Universe) का शुक्रिया अदा करें | जैसे :

  • ज़िंदा रहने के लिए मिली साँसे |
  • पेट के लिए मिले भोजन |
  • सिर ढकने के लिए मिली छत्त |
  • तन ढकने के लिए मिले वस्त्र इत्यादि |

क्यूंकि इसकी कीमत बस वही जान सकता है जो इससे अछूता (Untouched) है | ईश्वर के प्रति आभार प्रकट करें, चेहरे पर मुस्कराहट रखें और खुद को बदलता देखें |

 

4) सेवा-भाव रखना (Servitude) :

दोस्तों, खुश रहने के तरीकों (How To Be Happy) में यह एक बेहतरीन तरीका है जो आपको तुरंत (Instant) और 100% ख़ुशी देगा | ये आंतरिक ख़ुशी  का वो पहलू है जो इंतज़ार नहीं कराता बल्कि तुरंत फल देता है | यदि हम खुश रहना चाहते हैं तो हमें चाहिए हम किसी के जीवन में कुछ “Value Add” करें, किसी के काम आएं, किसी की ज़रुरतो को समझें और उनको दूर करने का प्रयास करें | जैसे :

  • किसी गरीब या उसके परिवार की मदद |
  • किसी दुखी का सहारा |
  • पशु सेवा |
  • बेसहारा बुज़ुर्गो का सहारा |
  • किसी अनाथ बच्चे की मदद इत्यादि |

यदि इस प्रकार आप अपने जीवन में सेवा भाव को उतरेंगे तो आप खुद में बेहद ख़ुशी महसूस करेंगे, क्यूंकि खुद खुश रहने के लिए दूसरों को खुश करना पड़ता है और यही प्रकति का सटीक नियम भी है |

 

5) गुस्से और इर्षा से दूरी बनाएं (Distance From Anger And Jealousy) :

यदि आप खुश रहकर जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं तो गुस्से और इर्षा को अपनी ज़िन्दगी से उखाड़ फेकिये क्यूंकि माचिस की तीली पहले खुद को जलाती है फिर दूसरों को |

गुस्से में व्यक्ति न ही सही निर्णय ( Right Decision) ले सकते हैं और न ही सही सलाह दे सकते हैं  क्यूंकि गुस्सा इंसान की बौद्धिक शक्ति (Intellectual power) कम या खत्म कर देता है |

इसी तरह इर्षा भी आपको खुद की नज़र में छोटा महसूस करती है | आपको चाहिए खुद की तुलना  (Comparison) किसी से न करें क्यंकि हर शख्स ख़ास और अहम् है, दूसरों की खुशियों में ख़ुशी देखिये और खुद को खुश रखिये |

 

6) वर्तमान में जीना सीखें ( live In Present Moment):

दोस्तों , यदि  आप खुश रहना चाहते हैं तो आज में जीना सीखें क्योंकि बीते हुए कल की यादें और आने वाले कल की चिंता हमेशा दुःख देती हैं | जैसे :

  • मेरे साथ जो हुआ गलत हुआ या ऐसा नहीं होना चाहिए था |
  • मेरा भविष्य कैसा होगा या मैं जीवन में क्या करूंगा ?

हमारा सारा जीवन इन्ही बातों के आस-पास घूमता है | हमें चाहिए कि हम इस ” कल ” के खेल से बाहर निकलें, क्योंकि  खुद भगवान् “श्री कृष्ण” ने  “गीता जी” में कहा है : जो हुआ अच्छा हुआ, जो हो रहा है अच्छा हो रहा है और जो भी होगा अच्छा ही होगा |

हमारे हाथों में बस कर्म करना है, फल देना ईश्वर का काम है, वरना बीते कल की चिंता में आज नष्ट हो जायेगा और यदि आज नष्ट हुआ तो बेहतर कल की उम्मीद नहीं की जा सकती |

याद रहे : हर दिन ऐसे जियो जैसे कि आखरी हो और खुश रहो |

इसे भी पढ़ें : गीता सार 

 

7) आलोचनाओं से न डरें (Don’t Be Afraid Of Criticisms) :

दोस्तों , अगर आप खुश रहना चाहते हैं तो आलोचना से न डरे क्यूंकि आलोचनाएं उन्हीं की होती हैं जो कुछ अलग करने का हौसला रखते हैं | अगर आपको कुत्ता काट जाये तो क्या आप भी कुत्ते को काटेंगे ? नहीं ना |

अपना काम ईमानदारी से करें, फ़ालतू किसी से न उलझें , दिमाग को शांत , दिल को बड़ा और वाणी में मधुरता ( Sweetness in speech) लाएं फिर कोई आपसे नहीं उलझेगा , क्यंकि ख़ुशी पर हक़ सिर्फ तुम्हारा है किसी दूसरे का नहीं |

याद रखें : यदि गली में दो-चार सूअर होते हैं तो गली अक्सर साफ़ रहती है | इसी में इसका सार समझ लें और खुश रहें |

 

8) सेहत का ध्यान रखें (Health Awareness) :

दोस्तों, खुश रहने के फायदों में इस पर चर्चा की गई है क्योंकि यदि खुश रहने से सेहत सुधरती है तो अच्छी सेहत के प्रति जागरूकता आपकी ख़ुशी में बढ़ोतरी भी करती है| आज छोटे से बड़ा हर व्यक्ति “ Health Conscious” हो गया है क्योंकि बेहतर सेहत आपके आत्मविश्वास और खुशी को दुगना करता है |

आपको चाहिए, आप दिन में  कम से कम 15 Min walking, 30 Min Exercise, 30 Min योग-प्राणायाम और 15 Min Meditation को दें, जिससे आपका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य भी सुधरेगा और आप खुद को ऊर्जावान ( Energetic) महसूस कर पायेंगे|

आप बेहरत स्वास्थ्य के साथ- साथ “पौष्टिक आहार” (Healthy Diet) पर भी ध्यान दें जिससे आप सेहत के हर पहलू पर ध्यान दे पाएंगे और खुश रहेंगे |

 

9) सकारात्मक विचार रखें ( Have Positive Thoughts) :

सकारात्मक  विचार वह  ताकत  है जो इंसान को नई दिशा दिखाती है क्योंकि सब सोच का खेल है  क्यूंकि  सोच ही हमें बनाती है और बिगाड़ती है |

हम जैसा सचेंगे  वैसे ही बनेंगे इसीलिए नकारात्मकता (Negativity)  से दूर रहकर सकारात्मकता (Positivity)  की और बढ़ें, खुद को बढ़ता हुआ देखें, रात में सोने से पहले और सुबह उठकर आशावादी विचारों को सोचें, जीवन की “Positive planning करें और एक मुस्कुराहट के साथ खुशी का स्वागत करें|

 

10) बच्चों से जुड़ना (Connect With Children) :

दोस्तों,  Happy Tips For Life में यह तरीका बेहद खास है, जो आपको खुश रहने में मदद करेगा|

अक्सर आपने बच्चों को खिलखिलाते- मुस्कुराते हुए देखा होगा, कैसे वो बिना छल- कपट से खुल के जीवन जीते हैं? कैसे खुल के हंसते हैं ?

अगर आप खुश रहना चाहते हैं तो अपने अंदर के बच्चे को ज़िंदा रखिये, किसी नजदीकी पार्क में जाईये, बच्चों को खेलते हुए देखिए| उनकी खुशियों में अपने बचपन की खुशियाँ तलाशिये और घर में बच्चों को भरपूर समय दीजिये |

खुद से सवाल कीजिये, कैसे आप खुश रह करते हैं ? और कैसे बचपन के उन पलों को फिर से जी सकते हैं ? आप खुद में बेहतर बदलाव महसूस करेंगे |

 

11) खुद के लिए वक्त निकालिए (Spare Time For Yourself) :

इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम सब शायद खुद पर ध्यान देना कहीं भूल गए हैं, ज़रूरत है खुद को समय देने की |

आपने ज़रूर सुना होगा अगर कोई व्यक्ति बीमार या उदास हो जाता है तो डॉक्टर उसको कहीं बाहर घूमने यानि किसी ” Hill Station” जाने की सलाह देते हैं, जिससे व्यक्ति का स्वस्थ्य बहुत तेज़ी से सुधरने लगता है |

खुद को समय दीजिये, कहीं बाहर घूमने जाईये, जिससे आप फिर से तरो-ताज़ा हो जायेंगे और ख़ुशी महसूस करेंगे|

 

12) सरलता से जीना सीखें (Learn to live Simply):

Happy Tips For Life में ख़ास तरीका यह है कि अपने जीवन में सरलता लाएं क्योंकि सरल जीवन ही सुखी जीवन है | आजकल अक्सर देखा जाता है लोग जीवन में हर एक चीज़ के लिए सहूलियतों पर निर्भर हो गये हैं जो खुद को खुशहाल बनाने की बजाये चीज़ों प्रति गुलाम बनते जा रहे हैं जैसे  :

  • रात-दिन Mobile, Tablet का इस्तेमाल |
  •  हर छोटी-छोटी चीजों के लिए मशीनों का इस्तेमाल |
  •  भोजन के लिए सिर्फ बेहतरीन पकवानों पर निर्भरता |
  •  पहनावे के लिए किसी ब्रांड का शौंक |
  • कुछ दूर जाने के लिए पैदल न चलकर वाहनों का इस्तेमाल |
  • घर में उपस्थित चीजों पर निर्भरता इत्यादि |

दोस्तों, ऊपर बताई गयी सब चीज़ों का इस्तेमाल गलत नहीं है बल्कि इन पर पुरे तरीके से निर्भर ( Dependent) हो जाना आपको कमज़ोर बनाता है|

इसीलिए अपनी इच्छाओं में कमी लाकर  जीवन को सरल बनाइये , क्योंकि यदि जिंदगी के उतार-चढ़ाव में कोई चीज छूट या कम हो जाए तो आप हताश और उदास  ना होकर खुद को संभाल सके और संयम के साथ सुखी जीवन बिता सकें |

याद रहे : सरल जीवन सुखी जीवन |

 

  13) पूर्णता को त्यागें (Abandon Perfection) :

 यदि आप खुश रहना चाहते हैं तो जीवन में पूर्णता को त्यागना पड़ेगा क्योंकि यह देखा गया है जो इंसान हर काम में पूर्णता (Perfection) देखता है वह अक्सर दुखी रहता है|

लेकिन  इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं कि आप अपना काम पूरी लगन और मेहनत से ना करें बल्कि यदि परिणाम (Result) आपके विपरीत (Against) हों तो आप ज्यादा विचलित (Distract) या दुखी ना हों |

इसके दो उदाहरण ( Examples) देना चाहूंगा, पहला स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे सफल होने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं और अपना 100 % देते हैं,  लेकिन यदि रिजल्ट उनके खिलाफ आये तो हताश और अवसाद (Depression) का शिकार होकर कुछ गलत कदम उठा बैठते हैं |

दूसरा दोस्तों, फिल्मी जगत में भी देखा गया है कि किस प्रकार फिल्म निर्देशक (Film director) बहुत सफल और बेहतरीन कलाकारों के साथ फिल्म का निर्माण करता है उसको हर तरीके से बेहतरीन बनाने की कोशिश करता है लेकिन फिर भी वह फिल्म अक्सर बड़े पर्दे पर बुरे तरीके से असफल हो जाती है|

इसीलिए हर चीज़ में पूर्णता को ना देखें, बस अपना 100% दें और बाकी ईश्वर पर छोड़ दें |

 

 

14) “मैं” को त्यागें (Discard “I”) :

दोस्तों, यदि आप आंतरिक खुशी का आनंद लेना चाहते हैं तो आपको “मैं” को छोड़ना पड़ेगा यानी खुद को कर्ता ना समझकर बस एक जरिया समझना | “मैं” आपमें अहंकार (Ego) और द्वेष (Grudge) लाता है जिससे आप दूसरों को कमज़ोर समझने लगते हो और खुद के लिए अशांति (Disturbance) पैदा कर बैठते हैं | जैसे:

  • मैं —— हूँ |
  • मैं सब जानता हूं |
  • यह सब मेरा है |
  • यदि मैं होता तो ऐसा कभी ना होता |

यह सब वाक्य (Sentence) आपको झूठी तसल्ली तो जरूर दे सकते हैं लेकिन इन सब के पीछे का भाव दूसरों को छोटा साबित करना है जो आपकी खुशियों के लिए अवरुद्ध (Blockage) है|

आज हम जो कुछ भी हैं ईश्वरीय तत्व (Divine elements) की वजह से हैं, हमें चाहिए हर उपस्थित चीज़ों  के लिए ईश्वर का धन्यवाद करें, उनको कर्ता समझकर हर चीज़ उनको समर्पित करें और अच्छे कर्म करके जीवन में खुशियां हासिल करें, क्यूंकि हर चीज़ आपके हिसाब से नहीं चल सकती अगर कुछ चल चल सकता है तो वो है आप खुद |

 

दोस्तों,  ये सब वो तरीके हैं जो आप अपने जीवन में उतार कर खुश रह सकते हैं इसके अलावा आप अपना मनपसंद संगीत , भजन , प्रेरणादायक पुस्तकें , कवियों के मुशायरे , अपना मनपसंद धारावाहिक, चुटकुले, कोई मनोरंजक फिल्म या Prank Videos देखकर खुद को बेहद खुश रख सकते हैं |

 

 

निष्कर्ष (conclusion) :

दोस्तों, जैसे आपने खुश रहने के तरीकों को जाना , इससे साफ ज़ाहिर होता है ख़ुशी वो कोहिनूर है जो बेशकीमती है बस ज़रूरत है तो इसे सँभालने की और जीवन में उतारने की |

मैं आशा करता हूँ सरल युक्ति के माध्यम से लिखा मेरा लेख “ख़ुश रहने के तरीकों” को आप समझ पाए होंगे | आप इस How to Be Happy In Hindi लेख को शेयर भी कर सकते हैं और अपने सुझाव मुझको भेज सकते हैं जिससे मुझे और बेहतर लिखने की प्रेरणा (Inspiration) मिलेगी|

 

इसे भी पढ़िए : खुश रहने के फायदे |

 

हमेशा खुश रहिये और मुस्कुराते रहिये ||

धन्यवाद |

 

 

 

 

 

 

 

 

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