आभार की शक्ति |Gratitude Meaning In Hindi| कृतज्ञता

gratitude meaning in hindi

कृतज्ञता | Gratitude

Gratitude Meaning In Hindiदोस्तों, आभार (Gratitude) जीने का वो आधार है जो हमको जीवन में मिली  सहूलियतों के प्रति सम्मान को जन्म देता है और साथ ही  संतुष्टि और  सकारात्मकता के पथ पर चलने की ओर प्रेरित करता है|

यह आभार (Gratitude) किसी व्यक्ति विशेष की मदद के बदले भी प्रकट किया जा सकता है| 

 लेकिन यदि यही आभार ईश्वर के प्रति व्यक्त किया जाये तो व्यक्ति इश्वरिये तत्व से जुड़कर आंतरिक ख़ुशी की ओर बढ़ने लगता है |

लेकिन आज व्यक्ति दूसरों से तुलना करके  या किसी चीज़ के कम या  न होने की वज़ह से खुद को छोटा या कम समझने लगता है और अपनी किस्मत को निरंतर कोसकर  दरिद्रता की ओर बढ़ता है जैसे:

  • अच्छी परवरिश न मिलने का दुःख |
  • अच्छी शिक्षा का आभाव |
  • बेहतर नौकरी की चिंता |
  • बेहतर जीवनसाथी का न होना |
  • पहनावे की फ़िज़ूल चिंता | या
  • अच्छी मोटर गाडी या वाहन का न होना, इत्यादि|

दोस्तों, ये कुछ उदारहण थे  जो मिलने के बावजूद व्यक्ति संतुष्टि और आभार व्यक्त नहीं करता, बल्कि निरंतर शिकायतों के चलते और बेहतर पाने की इच्छा रखता है जो जीवन भर उसकी चिंता का कारण बनती है |

याद रहे : हम जिन चीज़ों पर ज्यादा ध्यान देते हैं सिर्फ वही आगे बढ़ती हैं फिर चाहे वो Problem हो या Solution.

हम दूसरों का आभार Thanks या तोहफे देकर भी कर सकते हैं लेकिन ईश्वर के प्रति आभार वक्त करना वो अचूक तरीका है जो हमको  तुलना, असंतुष्टि और इर्षा जैसी घटिया बातों से ऊपर उठाता है जो जीवन का मूल लक्ष्य है |

आज सरलयुक्ति के माध्यम से आभार प्रकट करने के ऐसे तरीकों और लाभों को बताया जायेगा जो आपको जीवन से जुडी हर चीज़ के प्रति सम्म्मान और इश्वरिये तत्व से जुड़ने का सुनहरा मौका देगा जैसे:

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कृतज्ञता की शक्ति | Power Of Gratitude In Hindi

  • जब भी सुबह उठे हैं , सबसे पहले चेहरे पर Smile के साथ ईश्वर को याद करें और एक गहरी सांस भरके  मिले एक और खूबसूरत दिन के लिए  ईश्वर का धन्यवाद दें |
  • सुबह स्नान या  दिन भर में उपयोग होने वाले पानी के लिए ईश्वर का आभार प्रकट करें, पानी की  बहुमूल्यता को समझें क्यूंकि यह प्यासा ही इसकी असली कीमत जान सकता है |
  •   दिनभर, थाल में परोसे गए खाने को  भी  ईश्वर को समर्पित कर उनका हृदय से शुक्रिया करें |
  • घर में मौजूद उन सभी सदस्यों के लिए जो आपके अच्छे बुरे समय में हमेशा साथ खड़े रहे , आपकी धर्मपत्नी, पति , बच्चे, मां-बाप, दोस्तों या  अन्य सदस्यों और घर में मौजूद हर चीज या सहूलियत जो  आपको लाभ और ख़ुशी  देती हैं, के प्रति ईश्वर को आभार प्रकट करना सीखें |
  • जब बाहर टहलने जाएं ,तो खूबसूरत मौसम,  हवा में मौजूद ऑक्सीजन के लिए वृक्षों और प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करें |
  • अपनी आय के सभी साधनों को ईश्वर को समर्पित करना सीखें और सिर्फ खुद को कर्ता न मानें|
  • दर्पण के सामने अपनी खूबसूरत बनावट और अच्छी सेहत के लिए ईश्वर के प्रति कृतज्ञ रहें और किसी के झूठे तंज कसने वाले व्यंग्यात्मक टिप्पणी से इस अनमोल शरीर को कोसना बंद करें |
  •  रात को सोने से पहले एक नोटबुक में उन सभी चीजों के बारे में लिखें जो आपको दिन भर में मिली और उन सभी के लिए ईश्वर का दिल से खुक्रिया करें |

दोस्तों, ये कुछ तरीके हैं जिनके माध्यम से आप ईश्वर का धन्यवाद कर सकते हैं लेकिन इसके लिए निरंतर अभ्यास की ज़रूरत पड़ेगी जो आपको ईश्वर से जोड़ने का सफल प्रयास करेगी |

चलिए जानते हैं जीवन में कृतज्ञ होने के  6 चमत्कारी लाभ

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1) मानसिक शांति

दोस्तों, कृतज्ञता का जीवन में होने का सबसे बड़ा लाभ है मानसिक शांति, क्योंकि आज हर व्यक्ति मानसिक शांति खोज रहा है लेकिन खुद की असीमित इच्छाओं की वजह से खुद अशांत कर बैठता है| 

इसीलिए जब आप हर चीज के प्रति कृतज्ञ रहना शरू करेंगे तब  आप अपने अंदर असीम शांति को अनुभव करेंगे जो आपको  धैर्यवान बनाएगी , जिससे आप सफलता की ओर बढ़ेंगे और साथ ही  सामाजिक मान प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी | 

2)अच्छी नींद

जैसे बताया गया कृतज्ञता मन को शान्ति से भर देती है जो फ़िज़ूल के विचारों से पीछा छड़ाती है जिससे व्यक्ति चिंताओं से मुक्ति पाकर सुकून की नींद ले पाता है जो  दिनभर उसे ऊर्जा से भर देती है | 

3) तुलना से परे

जब आप ईश्वर के प्रति कृतज्ञता का भाव रखते हैं तो खुद की तुलना दूसरों से करना बंद कर देते हैं| 

क्यूंकि तुलना एक ऐसी बीमारी है जो अशांति और इच्छाओं  को जन्म देती है इसीलिए कहा जाता है व्यक्ति अपने दुःख से नहीं बल्कि  दूसरों के सुख से दुखी हैं जो इंसान के आत्मविश्वास और आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुंचती है और जीने की इच्छा तक खत्म करदेती है | 

इसीलिए जीवन में मिली हर छोटी चीज़ के लिए कृतज्ञता का भाव रखिये और फल की चिंता किये बिना सिर्फ कर्म पर ध्यान दीजिये | 

4 ) आंतरिक संतुष्टि:

 दोस्तों, आज हर व्यक्ति सिर्फ ऊपर से संतुष्टि का दिखावा करता है लेकिन अंदर से इर्षा, द्वेष, गुस्से और तुलना से भरा हुआ है जो उसकी खुशियों का अंत कर उसके द्वारा किये गए अपराधों का कारण बनती है |  

आज पैसे से भरपूर व्यक्ति भी संतुष्टि के लिए रात दिन पैसों के पीछे दौड़ता है लेकिन फिर भी पूरे दिन बैचैन रहकर बीमारियों से घिरा रहता है वही दूसरी और एक गरीब खुद की कमाई से संतुष्ट रहकर उसको ईश्वर को समर्पित करता है और बेहद खुश  रहता है | 

इसका आशय ये नहीं की सफलता हासिल करना गलत है बल्कि मिली सफलता से संतुष्ट न रहकर जीवन में ओरपाने के लिए दौड़ना है |  

इसीलिए यदि आप ख़ुशी और संतुष्टि से जीवन बिताना चाहते हैं तो हर प्राप्त की गयी वस्तु या सफलता को ईश्वर को समर्पित कर खुद में संतुष्टिरखिये , क्यूंकि संतुष्टि ही जीवन का आधार है और मोक्ष का रास्ता भी |

 

5) रिश्तों में मिठास:

दोस्तों, आभार की शक्ति ऐसा राम बाण उपाए है जो रिश्तों में आयी कड़वाहटों में भी मिठास भर देता है क्यूंकि आज हर व्यक्ति काम के बदले  कुछ न कुछ ज़रूर Expect करता है जिसे आप आभार ( Thanks Giving) के ज़रिये उनके प्रति प्रेम , सम्मान और उदारता को व्यक्त कर  सकते हैं जो रिश्तों को और ज्यादा मज़बूती देता है |

इसीलिए व्यक्ति को चाहिए कि हर छोटी चीज़ या सहायता के बदले अपने मित्रों, पारिवारिक सदस्यों और  सम्बन्धियों के प्रति दिल से आभारी रहे और ज़रूरत पडने पर सहायता के लिए भी हाथ बढ़ाये|

 6) ईश्वरीय तत्व का ज्ञान:

 जब व्यक्ति का मन और बुद्धि पूर्ण रूप से शांत होने लगती है तब उसको भीतरी संतुष्टि महसूस होती है और उसी दिन से  उसकी अध्यात्म की नयी शुरुवात होती है |

जिससे व्यक्ति खुद को ईश्वर से जोड़ने लगता है|  भक्ति और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने लगता है जो उसके आभामंडल को ओर मजबूत करता है | 

यही कृतज्ञता का भाव उसकी सभी इच्छाओं की पूर्ति करता है जो उसकी कल्पना से परे होता है और ईश्वर के दया का पात्र बनता है | 

निष्कर्ष ( Conclusion) :

दोस्तों, जैसे आपने जाना कि आभार का हमारे जीवन में ख़ास महत्व है जो हमारी मानसिक संतुष्टि, बेहतर रिश्ते और ईश्वर के जुड़ाव के लिए बेहद ज़रूरी है | 

इसीलिए यदि आप आभार की शक्ति को समझना चाहते हैं तो Gratitude Meaning को समझकर जीवन में इसका निरंतर अभ्यास करना पड़ेगा | 

मैं आशा करता हूँ सरल युक्ति के माध्यम से लेखे “Gratitude Meaning In Hindi” आपको पसंद आया होगा और आपको “आभार की शक्ति” को  समझने में सहायता मिली होगी |

आप इस लेख को अपने मित्रों और सम्बन्धियों को Social Media पर शेयर भी कर सकते हैं और अपने सुझाव मुझको भेज सकते हैं जिससे मुझे और बेहतर लिखने की प्रेरणा (Inspiration) मिलेगी |

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हमेशा खुश रहिये और मुस्कुराते रहिये ||

धन्यवाद |

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